देव उठनी एकादशी 2026: तिथि, महत्व और पूजा विधि
साल के कुछ दिन ऐसे होते हैं जिनका इंतज़ार पूरा घर करता है — देव उठनी एकादशी इन्हीं में से एक है। चार महीने से रुके हुए मांगलिक कार्यों ...
पितृपक्ष 2026: तिथियां, महत्व और श्राद्ध विधि
साल में कुछ दिन ऐसे आते हैं जब हम अपने से पहले वालों को याद करते हैं — पितृपक्ष उन्हीं दिनों में से एक है। ये 15-16 दिन हिन्दू परंपरा म...
दशहरा पूजा विधि: रावण दहन, शमी पूजा और अपराजिता पूजा
नवरात्रि के नौ दिनों के ठीक बाद आता है साल के सबसे बड़े पर्वों में से एक, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है। हर साल इ...
नवरात्रि नौवां दिन: सिद्धिदात्री की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
जिनकी कृपा से खुद त्रिदेव भी अपनी शक्तियां पाते हैं — नवदुर्गा की यात्रा ऐसी ही एक देवी पर आकर पूरी होती है। सिद्धिदात्री कथा और स्वरूप...
नवरात्रि आठवां दिन: महागौरी की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
तपस्या से जो शरीर काला पड़ गया था, वही गंगाजल के एक स्पर्श से बिजली जैसा चमकीला हो उठा — महागौरी कथा असल में इसी रूपांतरण की कहानी है। ...
नवरात्रि सातवां दिन: कालरात्रि की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
घना अंधकार जैसा रंग, बिखरे बाल, आंखों से बिजली जैसी चमक — देखने में यह देवी जितनी डरावनी लगती हैं, भक्तों के लिए उतनी ही शुभ भी मानी जा...
नवरात्रि छठा दिन: कात्यायनी की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
एक ऋषि की वर्षों की तपस्या, और दूसरी तरफ एक ऐसे राक्षस का अंत जिससे देवता तक कांपते थे — कात्यायनी कथा में यह दोनों ही पहलू एक साथ मिलत...
नवरात्रि पांचवां दिन: स्कंदमाता की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
बच्चों की सलामती के लिए हर माँ जितनी बेचैन रहती है, नवरात्रि पांचवां दिन ठीक उसी भाव को समर्पित है। इस दिन नवदुर्गा के पंचम स्वरूप स्कं...
नवरात्रि चौथा दिन: कूष्मांडा की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
सृष्टि के जन्म से पहले चारों ओर सिर्फ अंधकार था, न कोई जीवन, न कोई रोशनी — कूष्मांडा कथा यहीं से शुरू होती है। नवरात्रि चौथा दिन इसी अं...
नवरात्रि तीसरा दिन: चंद्रघंटा की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
भूत, प्रेत, पिशाच और सांप-भस्म से सजी एक ऐसी बारात, जिसे देखकर खुद दुल्हन के माता-पिता घबरा जाएं — चंद्रघंटा कथा की शुरुआत कुछ इसी नाटक...
नवरात्रि दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
सालों तक सिर्फ फल-फूल खाकर, फिर सिर्फ पत्ते चबाकर तपस्या करना — यह किसी सामान्य इंसान के लिए सोचना भी मुश्किल है। ब्रह्मचारिणी कथा ठीक ...
नवरात्रि पहला दिन: शैलपुत्री की कथा, स्वरूप और पूजा विधि
घर में पूरे नौ दिन जो कलश स्थापित होता है, ठीक उसी दिन नवरात्रि पहला दिन भी शुरू होता है — और इसी दिन की अधिष्ठात्री हैं माँ शैलपुत्री।...